Xossip

Go Back Xossip > Mirchi> Stories> Hindi > कुछ तान्त्रिक घटनाऐं

Reply Free Video Chat with Indian Girls
 
Thread Tools Search this Thread
  #21  
Old 30th December 2016
xxxdev's Avatar
xxxdev xxxdev is offline
I Love Mother Nature!
Visit my website
 
Join Date: 6th June 2009
Location: India
Posts: 33,881
Rep Power: 138 Points: 104729
xxxdev has hacked the reps databasexxxdev has hacked the reps databasexxxdev has hacked the reps databasexxxdev has hacked the reps databasexxxdev has hacked the reps databasexxxdev has hacked the reps databasexxxdev has hacked the reps database
Thumbs up

Quote:
Originally Posted by cobra1255 View Post
हमारी तीनो टॉर्च दमन के जूतों की तरफ घूम गई। तब तक दमन ने अपने पैर
वापस खींच लिए थे कोई कंकड़ तो नहीं चुभ गया। ,,,,,,,,,,, मैंने पूछा नहीं पंडित जी , कुछ लिजलिजा सा है। पता
नहीं क्या है धूल में मिला हुवा
for the sharing !

Reps added !

Please use preview post button before click on "Submit Reply" for correcting alignment and other issues !
______________________________
[My story] Sarfarosh
पोंछ कर अश्क़ अपनी आँखों से, मुस्कुराओ तो कोई बात बने ! सर झुकाने से कुछ नहीं होगा, सर उठाओ तो कोई बात बने !!
भेदभाव अपने दिल से, साफ़ कर सके| दोस्तों से भूल हो तो, माफ़ कर सकें|| हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें| दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें ||
खुसरो दरिया प्रेम का, उल्टी वा की धार। जो उतरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार।। A drop of honey catches more flies than a gallon of gall. ~ Lincoln

Reply With Quote
  #22  
Old 31st December 2016
nkmahakal's Avatar
nkmahakal nkmahakal is offline
Custom title
 
Join Date: 8th March 2016
Location: in ur heart
Posts: 1,544
Rep Power: 10 Points: 7092
nkmahakal has celebrities hunting for his/her autographnkmahakal has celebrities hunting for his/her autographnkmahakal has celebrities hunting for his/her autographnkmahakal has celebrities hunting for his/her autographnkmahakal has celebrities hunting for his/her autographnkmahakal has celebrities hunting for his/her autographnkmahakal has celebrities hunting for his/her autographnkmahakal has celebrities hunting for his/her autograph
for new thread
______________________________
Read my story

http://www.xossip.com/showthread.php?t=1468520

Read my friend story
PAAP KA SAMUNDAR
http://okik.me/images/okik-bux.gif

Reply With Quote
  #23  
Old 31st December 2016
cobra1255's Avatar
cobra1255 cobra1255 is offline
 
Join Date: 24th May 2015
Posts: 622
Rep Power: 6 Points: 1135
cobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accolades
मैंने ध्यान से उस जगह को टोर्च की रोशनी में देखा। थोड़ी सी धूल हाथ में ली मिट्टी रक्त मिश्रित थी। कुछ ४ या ५ घंटे का काफी सुख चूका रक्त।
हाँ थोड़ी तरलता बाकी थी अभी क्या है ये , प्रश्न कौंधा मष्तिष्क में। किसी जानवर का शिकार ? या बलि कर्म। निगाहे फिर से वेदी की तरफ गई।
थोड़ा ध्यान से देखने पर धूल के नीचे से रक्त के निशान झांकते दिखे । ऐसा कैसे हो सकता है ? बिना विग्रह के बलिकर्म ? या मात्र वेदी भोग एक भक्त का ?
,,,,

Reply With Quote
  #24  
Old 31st December 2016
Raj shukla's Avatar
Raj shukla Raj shukla is offline
Custom title
 
Join Date: 11th September 2016
Posts: 19,386
Rep Power: 59 Points: 48303
Raj shukla has hacked the reps databaseRaj shukla has hacked the reps databaseRaj shukla has hacked the reps databaseRaj shukla has hacked the reps databaseRaj shukla has hacked the reps databaseRaj shukla has hacked the reps databaseRaj shukla has hacked the reps databaseRaj shukla has hacked the reps databaseRaj shukla has hacked the reps database
Bahut achcha likhte ho mitra..yun hi likhte raho hum hamesha aap ke sath hain....250+25 points added with love

Last edited by Raj shukla : 31st December 2016 at 04:04 PM.

Reply With Quote
  #25  
Old 31st December 2016
cobra1255's Avatar
cobra1255 cobra1255 is offline
 
Join Date: 24th May 2015
Posts: 622
Rep Power: 6 Points: 1135
cobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accolades
वेदी पर रक्त तिलक का निशान वेदी भोग सा ही प्रतीत हो रहा था। लेकिन प्रश्नथा की किसने दिया ये भोग और इससेवो बिना विग्रह के कौन सा कार्य सिद्ध करना चाहता था।
हमने थोड़ा बहुत और गर्भ गृह का निरीक्षण किया और लौट चले बाहर की ओर।
हमने बहार आकर चारो तरफ निगाहे दौड़ाई। अभी भी सन्यासी का कही भी अता पता ना था बस शमशान पूर्ण जागृत स्वरुप में विद्यमान था।
पहले की तीनो चिताएं तो थोड़ी मंद सी पड़ गई लगती थी पर चौथी चिता पूरी तरह धधक रही थी। डोम एक लम्बे बॉस के सहारे आधे से अधिक जल चुकी चिताओ में शव को व्यवस्थित करने मेंलगे थे जिससे उनका दाह अच्छी तरहसे हो।
बड़ा ही विहगम दृश्य था मित्रों मृत्यु केजयघोष का ब्रम्हनाद है शमशान। जीवन के रंगमंच पर जिंदगी के नाटक का समापन दृश्य है शमशान। विश्व की नश्वरता का जीता जागता प्रमाण है शमशान। कफ़न में जेब ना होने का ज्ञान हेशमशान। क्या लेकर आये थे, क्या लेकर जाएंगे के उत्तर को स्वय सिद्ध होता देख कर बरबस ही वैराग्य जागृत होता है।

Reply With Quote
  #26  
Old 31st December 2016
cobra1255's Avatar
cobra1255 cobra1255 is offline
 
Join Date: 24th May 2015
Posts: 622
Rep Power: 6 Points: 1135
cobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accolades
मित्रों !जीवन की क्षणभंगुरता के एहसास से बचे हुवे समय के मूल्य का ज्ञान हो आता है। सद्कर्म की लालसा जाग जाती है। शमशान के इस जागृत स्वरुप और वेदी के रक्त तिलक ने फिर से रतन जी को विचलित करना शुरू कर दिया। मैंने दमन को उन्हें जिप्सी तक छोड़ आने को कहा। थोड़ा न नुकुर कर के रतन जी जाने को तैयार हो गए। वेदी पर रक्त और शमशान के स्वरुप को देख कर उन्होंने वापस जाना ही उचित समझा। हम सदा जिप्सी को शमशान से दूर ही खड़ा करते थे। वैसे भी जिप्सी पूर्ण सुरक्षित थी। मेरे गुरु श्री विजयानंद महाराज की देन सिद्ध भैरव कवच हमारी गाड़ी में प्रतिस्थापित है । इस कवच के रहते तो कोई महाशक्ति ही गाड़ी में बैठे व्यक्ति का कुछ बिगाडे तो बिगाड़े , नहीं तो और किसी के सामर्थ्य के बाहर है ये कवच ।
दमन जी के जाते ही मैंने फिर से शमशान में चारो तरफ नज़रे घुमानी शुरू की। चिता आलोक में मुझे मंदिर के सामने वाले पेड़ के नीचे कुछ हलचल सी दिखाई दी। कुछ श्वान भी दिख थे। तभी मुझे एक मानवकृति का भी एहसास हुवा वहाँ ।

Reply With Quote
  #27  
Old 31st December 2016
cobra1255's Avatar
cobra1255 cobra1255 is offline
 
Join Date: 24th May 2015
Posts: 622
Rep Power: 6 Points: 1135
cobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accolades
मेरे कदम स्वतः ही चल पड़े कीकर के पेड़ की और जिसके नीचे हलचल सी दिखी थी। पास आकर मानवकृति कुछ स्पष्ट सी हुवी।
चन्द्रोदय हो चूका था।
दग्न चिताओ का आलोक फैला था वहां । उसके नेत्र रोशनी में चमकते से लगे, उम्र का अनुमान नहीं लगा सका। हट्टा कट्टा शरीर। चहरे का रंग कुछ कुछ गेहुंआ सा लगा। बाकी शरीर का तो भभूत और मैल की परतों के बीच काला सा ही दिखता था . गले में दसियों मालाएं पडी थी। कुछ तांत्रिक अस्थि
कवच भी गले में विद्यमान थे ।
अंगुलिमाल के भुज दण्ड।
कलाई पर मनको की माला। वह पेड़ के नीचे दोनों पैर पसारे बैठा था और गोद में पड़ा था किसी पंछी का भुना हुवा गोश्त ! जिसे वो नोच नोच के खा रहा था।

Reply With Quote
  #28  
Old 31st December 2016
cobra1255's Avatar
cobra1255 cobra1255 is offline
 
Join Date: 24th May 2015
Posts: 622
Rep Power: 6 Points: 1135
cobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accolades
सधे कदमो से में सन्यासी की और बढ़ा। पर कुछ दूरी पर ही रुकने को मजबूर हो गया । कुछ श्वान मेरी मौजूदगी से काफी नाराज से दिख रहे थे। एक दो ने तो गुर्रा कर अपनी नाराजगी भी व्यक्त कर दी। नाराज भी क्यों न हो , उनके और उनके " प्रिय " के भोज में खलल डालता सा लग रहा था ना।
श्वान दल की चेतावनी देख मैं दो कदम पीछे हट कर वही खड़ा हो गया।
सन्यासी इन सब बातो से निश्चिन्त मांस खाने में व्यस्त थे। बीच बीच में बगल में रखी मदिरा की बोतल पे भी हाथ
साफ कर लिया करते थे. खाते खाते कुछ मांस के टुकड़े श्वान दल की तरफ भी उछाल देते जिसे प्रतीक्षारत श्वान दल बड़ी सफाई से लपक लेता।
मैंने भी इस पार्टी में विघ्न डालना उचित नहीं समझा और प्रतीक्षा करने का निर्णय लिया।
कुछ १५ या २० मिनटो के पश्चात सहसा सन्यासी उठ खड़े हुवे।
बाबा प्रणाम ,,,,,,, मैंने अभिवादन किया
उसकी चमकदार आँखे मेरी ओर घूमी , उसने मेरी ओर देखते हुवे अपना त्रिशूल उठाया और हलके कदमो से मंदिर के खंडहरों की तरफ जाने लगा।

Reply With Quote
  #29  
Old 31st December 2016
cobra1255's Avatar
cobra1255 cobra1255 is offline
 
Join Date: 24th May 2015
Posts: 622
Rep Power: 6 Points: 1135
cobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accolades
पहली बार उस सन्यासी के त्रिशूल पर मेरी निगाहे गई। तीनो ही फलक त्रिभुजाकार से। थोड़ा नीचे एक डमरू लटका था। ज्यादा तर ऐसे त्रिभुजाकार फलक वाले त्रिसूल आसाम के आस पास के डेरों के औघड़ प्रयोग करते है।
त्रिशूल का बीच वाला फॉल काला सा पड़ा दिखता था। लगरहा था मानो सन्यासी को त्रिशूल का रक्तभिषेक करने की आदत थी।
सन्यासी के पीछे पीछे में मंदिर के दरवाज़ों के ध्वस्तवशेषो तक पहुंच गया।
मैंने एक बार पुनः अभिवादन किया।
इस बार वो ठिठका , पीछे मुड़ा ,, जलती निगाहो से मुझे घूरा।
मैंने फिर से कहा , बाबा प्रणाम ,,,
चल भाग यहाँ से भिखारी,,,नहीं तो प्राण ले लूंगा , सन्यासी की आवाज में गुस्से का पुट था।
बाबा में कुछ मांगने नहीं आया , बस दो घड़ी आपसे बात हो जाती तो।
भिखमंगा ही है तू ,,,, नीच. ,,,,देख अपने को
,,,, झांक अपने अंदर ,,,,,,,,,,,,,,, सन्यासी के आवाज़ में गुस्सा बरक़रार था।
बाबा आपके कुपित होने का कारन नहीं समझ सका में। ,,,,,,,, मैंने संतुलित शब्दों में कहा।

Reply With Quote
  #30  
Old 31st December 2016
cobra1255's Avatar
cobra1255 cobra1255 is offline
 
Join Date: 24th May 2015
Posts: 622
Rep Power: 6 Points: 1135
cobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accoladescobra1255 has received several accolades
जुबान लड़ाता है पापी , लौट जा , प्राण बचा ले अपने । इस बार वो थोड़ा झुंझलाया सा लगा
सन्यासी के बार बार लताड़ने से में थोड़ा निराश होने लगा।
कैसा सिद्ध हो सकता है ये , इतना उदंड।
बाबा , आप कहे तो आपकी सेवा में कल उपस्थित होऊ। मैंने एक और कोशिश की कि बातचीत आगे बढ़े।
तू लगता है मरेगा आज ,डाकिनी तेरा कलेजा खाने को उतावली दिख रही हे।
ये इतना आसान तो नहीं है बाबा। में भी उसकी उदंडता पर थोड़ा खीज गया था।
अच्छा ,,, इतना घमंड ,,,,,,,,,,वो भी टोटको पे ,,,,,,,,, हा हा हा हा हा हा , उसका कर्कश अट्टाहास श्मशान में गूंज उठा
अचानक मुझे अपने सीने पर कुछ जलन सी महसूस होने लगी ,,,,

Reply With Quote
Reply Free Video Chat with Indian Girls


Thread Tools Search this Thread
Search this Thread:

Advanced Search

Posting Rules
You may not post new threads
You may not post replies
You may not post attachments
You may not edit your posts

vB code is On
Smilies are On
[IMG] code is On
HTML code is Off
Forum Jump



All times are GMT +5.5. The time now is 04:08 AM.
Page generated in 0.02131 seconds